रविवार, 24 अगस्त 2025

24अगस्त 2025,रविवार का पंचांग

*🌞सूर्योदय :-* 05:56 बजे  

*🟠सूर्यास्त :-* 18:51 बजे 

श्री विक्रमसंवत्- *2082* शाके- *1947* 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य दक्षिणायन, उत्तरगोल 

*⛱️ऋतु* :  शरदऋतु 

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज *भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि* 11:48 बजे  तक फिर द्वितीया  तिथि।

💫 *नक्षत्र आज* पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 26:05 बजे तक फिर उत्तराफाल्गुनी  नक्षत्र

    *योग* :- आज *शिव* है।

*करण*  :-आज *बव* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक,भद्रा ,गंडमूल नहीं  है 

*🔥अग्निवास*: आज पृथ्वी पर  है।

☄️ *दिशाशूल* : आज पश्चिम दिशा में है।

*🌚राहूकाल* :आज  17:13 बजे से 18:50

 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 11: 58बजे से 12:50 बजे तक प्रत्येक बुधवार अशुभ होता हैं।

*पर्व त्यौहा* : - कोई नहीं 

*मुहूर्त* : - सगाई,दुकान/ऑफिस /व्यापार है  अन्य नहीं हैं।

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-सिंह, चन्द्र - सिंह, मंगल-कन्या, बुध-कर्क, गुरु-मिथुन, शुक्र-मिथुन, शनि-मीन, राहू- कुंभ,केतु-सिंह, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

अब घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें: ज्योतिष,वास्तु , अंक ज्योतिष एवं जन्म कुंडली द्वारा शिक्षा, सर्विस,रोजगार,व्यापार, विवाह,मंगल,कालसर्प और  पितृ दोष शनि साढ़ेसाती मुहूर्त आदि जानकारी परामर्श समाधान

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 

(राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त )

विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य रात- अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई।

मो .9425187186, 9302614644

शनिवार, 23 अगस्त 2025

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जनसुनवाई में किया जनसमस्याओं का निराकरण

 रविकांत दुबे जिला प्रमुख 'आपके द्वार न्यूज



ग्वालियर 23 अगस्त । ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का निराकरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए समस्याओं का निदान निर्धारित समय सीमा में करने की बात कही। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जनसुनवाई में आई जरुरतमंद महिलाओं को तत्काल राशन दिलाने के निर्देश के साथ ही वृद्धजनों की वृद्धावस्था पेंशन तथा मुफ्त इलाज हेतु आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए और ऊर्जा मंत्री ने निशक्तजन को ट्राई साइकल वितरण की।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर मुलाकात करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि यह सेवक किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस दिशा में सरकार भी सतत प्रयत्नशील है।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने क्रमवार एक-एक आवेदक के पास जाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मोबाइल फोन से संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए समस्याओं के निराकरण में किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की हिदायत दी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा आमजन की बिजली, पानी व राशन से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए  जनसुनवाई की जाती है।

भाजपा की खटाई से सहयोगी दलों में घबडाहट

  

 बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने से पहले ही भाजपा की बैशाखी बने जनता दल यू और दूसरे जेबी संगठनों के दो फांक होने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गया दौरा कई सियासी संकेत छोड़ गया है. गया में आयोजित  सभा में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन से पहले मंच पर मौजूद जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की ओर मुस्कुराते हुए कुछ इशारा किया. मंच पर हुई यह हलचल कैमरों में कैद हो गई और अब इसे लेकर राजनीति के गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

आपको याद होगा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की स्थापना 1998 तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के समय में हुई थी, जब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में 13-24 दलों का गठबंधन बना था। तब से लेकर 27 साल में एनडीए से कई दल अलग हो चुके हैं. गठबंधन में नये दलों के जुडने और पुराने दलों के अलग होने का सिलसिला अनंत है. कभी कोई दल  नागरिकता संशोधन बिल (सीएए), अनुच्छेद 370 हटाने, या किसान कानून पर मतभेद के कारण जुडा तो कोई अलग हो गया. अनेक दल  चुनावों में सीटों का बंटवारा  विवाद की वजह से गठबंधन के बाहर गए तो कुछ

क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भाजपा से छिटक गये. मणिपुर हिंसा या बिहार/महाराष्ट्र की राजनीति इसका उदाहरण है.भाजपा की बढ़ती ताकत से भी छोटे दलों को लगता है कि बीजेपी उनका महत्व कम कर रही है।

आज की केंद्र सरकार की बैशाखी बना जनता दल (यूनाइटेड)  2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाने के विरोध में अलग हुआ था और यूपीए से जुड गया था. भाजपा की दूसरी बैशाखी तेलुगु देशम पार्टी 2018 में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जा न मिलने पर एनडीए से अलग हुई लेकिन 2024 में फिर जुड़ गई. इसी तरह शिरोमणि अकाली दल 2020 कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा से अलग हो गया.

बिहार से पहले महाराष्ट्र में भाजपा की पुरानी सहयोगी शिवसेना भाजपा की वजह से ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद, विभाजित हुई; उद्धव ठाकरे गुट अलग हो गया। एकनाथ शिंदे का गुट आजकल भाजपा के साथ है.स्वाभिमानी पक्षा  भी 2019 में  किसान कानूनों के विरोध में।भाजपा से अलग हो गया था.2021 में अगपा असम में स्थानीय मुद्दों पर  भाजपा से अलग हुई बाद में फिर जुड़ गई.

जम्मू कश्मीर में भाजपा के साथ रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भाजपा से अलग हो गई.गोरखा जनमुक्ति मोर्चा दार्जिलिंग में क्षेत्रीय मांगें पूरी न होने पर 2020 में भाजपा का गठबंधन छोड गया.राष्ट्रीय लोक समता पार्टी -रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में, सीट शेयरिंग विवाद पर टूटी फिर जुडी.

भाजपा ने प्रायः अपने सहयोगी दलों को या तो तोड दिया या उन्हे तवज्जो नहीं दी.हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) 2019 बिहार में सीट न मिलने पर भाजपा से दूर हुआ.नागालेंड का नागा पीपुल्स फ्रंट,कर्नाटक जनता पार्टी - और बाद में भाजपा के बागी बी.एस. येदियुरप्पा की पार्टी, अलग हुई बाद में भाजपा में विलय हो गई।लोक जनशक्ति पार्टी को 2021  में भाजपा ने तोडा, हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल  गठबंधन  से अलग हुआ.त्रिणमूल कांग्रेस 2009 के बाद स्थायी रूप से मूल एनडीए की सदस्य थी, लेकिन 2009 में अलग हो गई और आज भाजपा की दुश्मन नंबर एक है.

ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी 2022,  में अलग हुई और फिर सौदा पटने पर फिर 2025 में फिर  शामिल हो गई. यूपी में ही अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल  से भाजपा के रिश्ते बनते बिगडते रहे.संजय निषाद की निषाद पार्टी,मिजो नेशनल फ्रंट,कुकी पीपुल्स अलायंस,पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट,गोवा फॉरवर्ड पार्टी,जन्नायक जनता पार्टी पुत्तिया तमिलागम, एडीएमके जैसे तमाम क्षेत्रीय दल भाजपा की अहमन्यता केकेगंभीर शिकार बने.

लौटकर बिहार  आते हैं. बिहार के गयाजी में प्रधानमंत्री मोदी के दौरान जब मंच पर मौजूद एनडीए के सभी नेताओं का हाथ जोड़कर अभिवादन कर रहे थे, उसी दौरान वह मुस्कुराते हुए आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पास रुके और कुछ बातचीत की. वहीं इसके बाद वह आगे बढ़ते गए, फिर जैसे ही केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के पास पहुंचे उनको भी कुछ कहा, जिसके बाद ललन सिंह ने सिर हिलाते हुए हां कहा. इस दौरान ये दोनों तस्वीरें कैमरें में कैद हो गईं. बिहार चुनाव को देखते हुए ये तस्वीरें काफी कुछ इशारा करती है. सामान्य तौर पर इसे मंचीय औपचारिकता कहा जा सकता है, लेकिन चुनावी साल में इस इशारे को हल्के में नहीं लिया जा सकता. खासकर तब जब ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की बिहार चुनाव में अहम भूमिका मानी जा रही है.

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए खेमे में सीट बंटवारे और सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर गहमागहमी जारी है. ऐसे में मोदी का यह इशारा  गठबंधन की मजबूती और एकजुटता का संकेत हो सकता है. इससे जहां जेडीयू में टूट की अटकलें बढी हैं वहीँ  ये भी माना जा रहा है कि भाजपा  उपेंद्र कुशवाहा को भी सम्मानजनक जगह देने का मूड बना चुकी है. 

आपको पता है कि एनडीए की अहम सहयोगी जेडीयू के अंदर नीतिश कुमार के नेतृत्व को लेकर असंतोष है. मोदी ऐसे में लल्लन पर हाथ रखकर शिश सेना की तरह जेडीयू को भी दो फांक करना चाहते हैं. एस आई आर के मुद्दे पर बुरी तरह से घिरी भाजपा बाजी जीतने के लिए किसे छोड दे और किसे साथ ले ले अनुमान लगाना कठिन है.

@ राकेश अचल

23 अगस्त 2025,शनिवार का पंचांग

*🌞सूर्योदय :-* 05:55 बजे  

*🟠सूर्यास्त :-* 18:51 बजे 

श्री विक्रमसंवत्- *2082* शाके- *1947* 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य दक्षिणायन, उत्तरगोल 

*⛱️ऋतु* :  शरदऋतु 

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज *भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि* 11:35 बजे  तक फिर प्रतिपदा  तिथि।

💫 *नक्षत्र आज* मघा नक्षत्र 24:54 बजे तक फिर पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र

    *योग* :- आज *परिधि* है।

*करण*  :-आज *नाग* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक,भद्रा नहीं गंडमूल  है 

*🔥अग्निवास*: आज पाताल में है।

☄️ *दिशाशूल* : आज पूर्व दिशा में है।

*🌚राहूकाल* :आज  09:10 बजे से 10:47

 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 11: 58बजे से 12:50 बजे तक प्रत्येक बुधवार अशुभ होता हैं।

*पर्व त्यौहा* : देवकार्य भाद्रपद शनि अमावस्या

*मुहूर्त* : - सगाई है  अन्य नहीं हैं।

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-सिंह, चन्द्र - सिंह, मंगल-कन्या, बुध-कर्क, गुरु-मिथुन, शुक्र-मिथुन, शनि-मीन, राहू- कुंभ,केतु-सिंह, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

अब घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें: ज्योतिष,वास्तु , अंक ज्योतिष एवं जन्म कुंडली द्वारा शिक्षा, सर्विस,रोजगार,व्यापार, विवाह,मंगल,कालसर्प और  पितृ दोष शनि साढ़ेसाती मुहूर्त आदि जानकारी परामर्श समाधान

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 

(राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त )

विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य रात- अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई।

मो .9425187186, 9302614644

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025

आज से मोदी युग नये दौर में प्रवेश करेगा

 

संसद के मानसून सत्र की समाप्ति के साथ ही आज से देश में 2014 से शुरू हुआ मोदी युग एक नये दौर में प्रवेश करने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस नये दौर में घर के भीतर और घर के बाहर इतनी चुनौतियां सीना ताने खडी दिखाई देंगी जिनकी कल्पना कम से कम मोदी जी ने तो नहीं की होगी. जिस देश की जनता ने तमाम प्रतिबद्धताओं को धता दिखाकर मोदी जी को अपनी पलकों पर बैठाया था, आज वही जनता सडकों पर और जनता के प्रतिनिधि संसद में '  वोट चोर-गद्दी छोड'के नारे लगा रहे हैं और मोदी जी स्थितिप्रज्ञ होकर इन नारों को सुन रहे हैं.

मोदी जी का स्वागत करने वालों की भीड में शायद मै भी रहा होऊं, लेकिन आज मेरी पूरी सहानुभूति मोदीजी के प्रति है, क्योंकि जो जनता कल तक मोदीजी पर लट्टू थी आज उसके तेवर बदले हुए हैं. जनता अब 56' के सीने वाले मोदीजी के सामने अपने तीर-कमान हो चुके सीने तानकर उनपर वोट चोरी का आरोप लगा रही है. वोट चोर, गद्दी छोड का नारा यद्यपि कांग्रेस का नारा था लेकिन अब ये लोक व्यापी हो गया है.

मुझे पूरा यकीन है कि मोदीजी इस नारे से न डरेंगे और न गद्दी छोडेंगे. वे अपने हनुमान गृहमंत्री अमित शाह को साथ लेकर पूरी ताकत से विपक्ष से और देश की जनता से लडेंगे. मोदीजी के पीछे लठसंघियों की लाखों की फौज के साथ ही दुनिया की सबसे ज्यादा सदस्यों वाली भाजपा के कार्यकर्त्ता हैं जो सडकों पर उमड रहे जन सैलाब को टिड्डी दल की तरह समाप्त कर देंगे. मोदीजी संसद के मानसून सत्र के समापन से पहले 130 वां संविधान संशोधन विधेयक ले आए हैं. इस विधेयक से इस बात की भनक तो मिल रही है कि विरोधियों को उसी तरह जेलों में ढूंसने का इंतजाम कर चुके हैं जिस तरह पचास साल पहले देश पर 19महीने का आपातकाल लादकर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने किया था 

आपको याद होगा कि मोदी जी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो नेहरू को गरियाकर जन समर्थन हासिल करते आए हैं. लेकिन उनका ये अस्त्र- शस्त्र अब मोथरा हो चला है. मोदी जी कहने पर अब जनता ताली और थाली बजाने को तैयार नहीं है. मोदी जी की सत्ता जिन दो बैशाखियों पर टिकी है उनमें से एक में अलोकप्रियता की दीमक लग चुकी है.मोदीजी से अब अकेले लोस और रास में विपक्ष के नेता ही सवाल नहीं कर रहे अपितु माननीय सर्वोच्च न्यायालय भी सवाल कर रहा है कि -'यह अदालत संविधान का ही एक अंग है। यदि एक संवैधानिक संस्था बिना किसी वैध कारण के अपना काम नहीं कर रही है तो फिर क्या अदालत को यह कहना चाहिए कि हम शक्तिहीन हैं और हमारे हाथ बंधे हैं। हमें कुछ तो निर्णय करना होगा। लेकिन केंद्र सरकार में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हर समस्या का समाधान सुप्रीम कोर्ट द्वारा ही किया जाए, ये जरूरी नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रेसिडेंशियल रेफरेंस पर हो रही सुनवाई के दौरान ये तर्क दिया।केंद्र ने कहा कि कुछ मुद्दों पर मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के साथ बातचीत होनी चाहिए। सरकार ने कहा कि हर मामले में न्यायिक समाधान के बजाय राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ये सुनवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा अप्रैल में विधेयकों को पारित करने की समयसीमा तय किए जाने के बाद राष्ट्रपति ने रेफरेंस भेजकर कोर्ट से कुछ सवाल पूछे थे.

मोदीजी जिस उग्रता के साथ केंद्रीय राजनीति में आए थे आज वही उग्रता उन्हे विपक्ष की ओर से देखने को मिल रही है. पिछले 11 साल में मोदीजी ने विपक्षी एकता में सेंध लगाकर अपना अश्वमेघ यज्ञ जारी रखा, लेकिन अब बिहार में उनका अश्वमेघ का घोडा वोट चोरी के आरोप में रंगे हाथों पकडा जा चुका है. मोदीजी घोडे पर सवार हैं लेकिन घोडे की रास यानि लगाम लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाथ में है. ठिठके हुए घोडे को राहुल गांधी के चंगुल से छुडाना बहुत आसान नहीं है.

अब आधे से ज्यादा संसद और आधे से ज्यादा भाजपा मोदीजी के साथ नहीं है. कांस्टीट्यूशनल क्लब के चुनाव में भाजपा की बंद मुठ्ठी खुल गई है. मोदी विरोधी रूढी ने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से हाथ मिलाकर ये साबित कर दिया है कि वे भाजपा में मोदी द्वारा उपेक्षित लोगों का नेतृत्व रूढी करने जा रहे हैं जैसे मोदीजी ने कांग्रेस के दुर्ग में सेंध लगाने के लिए शशि थरूर को तोडा था उसी तरह कांग्रेस ने भी भाजपा के दुर्ग में रूडी को तोडकर मोदी जी के दुर्ग में सेंध लगाने में कामयाब हो गये.

नये मोदी युग में जो भी होगा वो सब अप्रत्याशित होगा. या तो विपक्ष की कमर टूटेगी या फिर मोदी जी की. फैसला जनता करेगी. जनता अब तक मोदीजी के हर कारनामें पर,, हर फैसले पर मौन थी, किंतु यही मौन अब मुखरता में तब्दील हो गया है. मोदी के साथ आज भी ऐसे समर्थकों की भीड है जो 500₹ लीटर पैट्रोल खरीदने को तैयार है लेकिन उसे मोदी चाहिए. मोदीजी की ब्रांड वेल्यू का पता बिहार में चलेगा. तब तक के लिए मोदीजी और उनके प्रतिद्वंदी राहुल गांधी को शुभकामनायें.

@राकेश अचल 

 

22 अगस्त 2025, शुक्रवार का पंचांग

*🌞सूर्योदय :-* 05:55 बजे  

*🟠सूर्यास्त :-* 18:52 बजे 

श्री विक्रमसंवत्- *2082* शाके- *1947* 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य दक्षिणायन, उत्तरगोल 

*⛱️ऋतु* : वर्षा ऋतु  

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज *भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि* 11:55 बजे  तक फिर अमावस्या  तिथि।

💫 *नक्षत्र आज* आश्लेषा नक्षत्र 24:15 बजे तक फिर मघा नक्षत्र

    *योग* :- आज *वरियान* है।

*करण*  :-आज *शकुनि* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक,भद्रा नहीं गंडमूल  है 

*🔥अग्निवास*: आज पृथ्वी पर है।

☄️ *दिशाशूल* : आज पश्चिम दिशा में है।

*🌚राहूकाल* :आज  10:47बजे से 12:24

 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 11: 58बजे से 12:50 बजे तक प्रत्येक बुधवार अशुभ होता हैं।

*पर्व त्यौहा* : -

*मुहूर्त* : -  नहीं हैं।

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-सिंह, चन्द्र - कर्क, मंगल-कन्या, बुध-कर्क, गुरु-मिथुन, शुक्र-मिथुन, शनि-मीन, राहू- कुंभ,केतु-सिंह, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

अब घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें: ज्योतिष,वास्तु , अंक ज्योतिष एवं जन्म कुंडली द्वारा शिक्षा, सर्विस,रोजगार,व्यापार, विवाह,मंगल,कालसर्प और  पितृ दोष शनि साढ़ेसाती मुहूर्त आदि जानकारी परामर्श समाधान

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 

(राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त )

विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य रात- अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई।

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गुरुवार, 21 अगस्त 2025

इमरजेंसी ' के बाद ' सुपर इमरजेंसी ' की ओर बढता देश

 शीर्षक पढकर न चौंकिए, न विचलित होइए लेकिन सावधान जरूर हो जाइए क्योंकि भारत इमरजेंसी के पचास साल बाद एक और इमरजेंसी की ओर बढ रहा है जिसे आने वाले दिनों में' ' सुपर इमरजेंसी ' कहा जा सकता है. हमारी मौजूदा सरकार ने संसद के मानसून सत्र के समाप्त होने की पूर्व संध्या पर लोकसभा में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025:  पेश कर इस ' सुपर इमरजेंसी ' की आहट दे दी है.

सुपर इमरजेंसी लादने के लिए एक ब, आना तलाशा गया है कि फिलहाल भारतीय संविधान में गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए मंत्री को हटाने के लिए प्रावधान नहीं है. ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री  या केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री और राज्यों एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239ए में बदलाव की जरूरत महसूस की गई है.

आपको बता दूं कि लोकसभा में पेश किए गए 130वां संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य गंभीर आपराधिक आरोपों (5 वर्ष या अधिक की सजा वाले अपराध) में गिरफ्तार होने या 30 दिनों तक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान करना है।यह विधेयक अनुच्छेद 75 (केंद्र) और अनुच्छेद 164 (राज्य) में संशोधन करता है,  इस विधेयक में यह भी प्रावधान है कि हिरासत से रिहाई के बाद राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा पुनर्नियुक्ति संभव है।

विधेयक को संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है, और विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और एआईएम आई एम ने इसे संविधान विरोधी और लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।विधेयक पेश करते समय केंद्रीय गृहमंत्री बेहद डरे हुए थे. वे हमेशा पहली पंक्ति में बैठते थे लेकिन 20अगस्त को चौथी पंक्ति में बैठे. शाह अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त मार्शल भी साथ में लाए थे, मुमकिन है कि वे सीआईएस एफ के ही जवान हों.

इस विधेयक को पेश करते ही पक्ष विपक्ष के सांसदों में धक्का - मुक्की भी हुई. विपक्ष ने विधेयक की प्रतियाँ फाडकर गृहमंत्री के ऊपर उछाल दीं. बात आगे बढ सकती थी किंतु सभापति ने सदन की कार्रवाई 21अगस्त तक लिए स्थगित कर स्थिति को बेकाबू होने से रोका. विपक्ष के विरोध के प्रति पहले से आशंकित सरकार की मंशा के अनुरूप जेपीसी को भेज दिया. अब ये विधेयक संसद के आगामी सत्र तक जेपीसी के पास रहेगा और इस विधेयक को भी उसी तरह कानून बना दिया जाएगा जैसे कि वक्फ बोर्ड कानून बना दिया गया.ये कानून अभी सुप्रीम कोर्ट के पास सेफ(सुरक्षित) रखा हुआ है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर  कहा है कि 130वां संविधान संशोधन विधेयक ‘सुपर-इमरजेंसी’ से भी आगे का कदम है, जो भारत में लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के इस विधेयक का उद्देश्य न्यायपालिका की स्वतंत्रता को समाप्त करना है और इसके जरिए मौजूदा केंद्र सरकार ‘एक व्यक्ति-एक पार्टी-एक सरकार’ सिस्टम को मजबूत करने का प्रयास है.

जरूरी नहीं कि इस विधेयक को लेकर जैसा ममता बनर्जी सोचती हैं वैसा ही पूरा देश भी सोचे, लेकिन इस समय वोट चोरी को लेकर एकजुट हुआ विपक्ष जरूर ममता बनर्जी की तरह सोच सकता है.विपक्ष को एक करने के काम पहले एस आई आर आया और अब लगता है कि 130वां संविधान संशोधन विधेयक  भी विपक्ष को एक करने में सहायक होगा. सत्ता पक्ष की नीयत यदि इस विधेयक को लेकर साफ होती तो इसे संसद के शुरु में ही लाया जाता, किंंतु ऐसा नहीं हुआ. संसद में इस विधेयक को जानबूझकर  सत्र समापन की पूर्व संध्या पर लाया गया ताकि इस विधेयक पर बहस हो ही न पायें. ये विधेयक इसलिए भी आपत्तिजनक है क्योंकि ये देशकाल परिस्थिति के अनुरूप बिल्कुल नहीं है. इस देश में शांति भंग करने आरोपी को जमानत हासिल करने मैं महीनों लग जाते हैं ऐसे में केवल आरोप लगने और गिरफ्तारी होने के बाद 30 दिन की हिरासत सदस्यता छीनने का बाजिब आधार नहीं है.

मुझे लगता है कि भाजपा आने वाले दिनों मे इस विधेयक को लेकर बिहार विधानसभा चुनाव में भी उतरेगी. क्योंकि मतदाता सूची में काट-छांट के मुद्दे पर सरकार बचाव की मुद्रा में है. इसे आप शतुरमुर्गी मुद्रा भी कह सकते हैं. आने वाले दिनों में ये विधेयक लगातार जैरे बहस रहेगा.


वैसे एडीआर रिपोर्ट कहती है,कि वर्तमान लोकसभा के 543 सदस्यों में से 251 यानी 46 फीसदी सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसमें 25 से अधिक को दोषी भी ठहराया जा चुका है. कुल 233 सांसदों (43 प्रतिशत) ने अपने विरुद्ध आपराधिक मामले घोषित किए थे. वहीं, यह आंकड़ा 2019 में 233 (43%) , 2014 में यह आंकड़ा 185 (34 %), 2009 में 162 (30%) और 2004 में 125 (28 प्रतिशत था. रिपोर्ट  के अनुसार, 18वीं लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा के 240 विजयी उम्मीदवारों में से 94 (39 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. कांग्रेस के 99 सांसदों में से 49 (49 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं और समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों में से 21 (56 प्रतिशत) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

TMC के 29 में से 13 (44 प्रतिशत), डीएमके के 22 में से 13 (59 प्रतिशत), टीडीपी के 16 में से आठ (50 प्रतिशत) और शिवसेना के सात विजयी उम्मीदवारों में से पांच (71 प्रतिशत) ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं.


विश्लेषण में पाया गया कि 63 (26 प्रतिशत) भाजपा उम्मीदवारों, 32 (32 प्रतिशत) कांग्रेस उम्मीदवारों और 17 (46 प्रतिशत) सपा उम्मीदवारों ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.रिपोर्ट कहती है, सात (24 प्रतिशत) टीएमसी उम्मीदवार, छह (27 प्रतिशत) डीएमके उम्मीदवार, पांच (31 प्रतिशत) टीडीपी उम्मीदवार और चार (57 प्रतिशत) शिवसेना उम्मीदवार गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं.इस विधेयक के गुण-दोष ही बहस का मुद्दा हो सकते थे किंतु सरकार बहस से पहले ही भाग खडी हुई. 

मुझे याद है कि देश में जब भी ऐसे तानाशाही को मजबूत विधेयक किसी राज्य या केंद्र की सरकार ने लाने की कोशिश की है, मुंह की खाई है. बिहार का एक प्रेस विधेयक आषको याद होगा. बहरहाल देश एक अघोषित इमरजेंसी झेल ही रहा था उसे अब सुपर इमरजेंसी में बदलने की कोशिश की जा रही है.

@ राकेश अचल

मघा नक्षत्र पद्म और परिधि- शिव योग के संयोग में शनि अमावस्या 23 अगस्त को

  हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत बड़ा महत्व है।

क्योंकि इस दिन लोग बड़ी संख्या में पवित्र नदियों में स्नान कर  हवन,दान ,पुण्य करते हैं।

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि अमावस्या तिथि पित्रों को भी समर्पित होने से खास बन जाती हैं साथ ही इस दिन पितरों का तर्पण पिंड दान करने से जन्म कुंडली में निर्मित  पितृ दोष से मुक्ति मिलती हैं और परिवार में सुख शांति समृद्धि आती है ।

इस दिन शनि मंदिर पहुंचकर शनि प्रतिमा पर सरसों के तेल से अभिषेक  दीपदान आदि करने से शनि की साढ़ेसाती ,ढैया,महादशा- अंतर्दशा से हो रही पीड़ा की शांति होती हैं।

जैन ने कहा इस समय कुंभ राशि वाले पर शनि की आखिरी साढ़ेसाती, मीन राशि वाले पर बीच की और मेष राशि वाले पर शिर पर आती हुई साढ़े साती चल रही है। वही  धनु राशि और  सिंह राशि वाले पर शनि की ढैया चल रही है।

शनि को सभी ग्रहों में न्याय के लिए माना जाता है ये व्यक्ति के कर्मों का हिसाब किताब करते है यदि व्यक्ति अच्छे कर्म करता हैं तो शनि की दशा में उसे बहुत लाभ देते है यानी रंक से राजा भी बना देते है और जिनका कर्म खराब होते हैं  उन्हें शनि की साढ़ेसाती,ढैया, दशा में शनि खराब  फल देकर कर्मों का हिसाब किताब चूकता कर देते है।

शनि अमावस्या के इस दिन इन को भी शनि साढ़ेसाती और ढैया से निजात पाने के लिए पवित्र नदी, तालाब में अथवा गंगा जल युक्त जल से स्नान करके शनि मंदिर पहुंचकर सरसों का तेल , काला वस्त्र,लोहा,जो,काले तिल ,सरसों आदि दान कर दीप दान आदि करना चाहिए।

जैन के अनुसार मघा नक्षत्र, पद्म योग,परिधि - शिव योग का संयोग इस वार 23 अगस्त शनिवार को बना हुआ है।अमावस्या तिथि 22 को दिन के 11:55 पर आरंभ होकर 23 अगस्त  शनिवार को  दिन के 11:35 बजे तक रहेगी।

उदया तिथि 23 अगस्त शनिवार को होगी इसलिए शनिवार को शनिश्चरी अमावस्या पूरे दिन मनाई जाएगी।

जैन ने बताया इस वार पूरे विक्रम संवत् 2082 में अर्थात एक वर्ष में केवल एक ही बार शनि अमावस्या भाद्रपद कृष्ण पक्ष की 23 अगस्त शनिवार को रहेगी।

21अगस्त 2025,गुरुवार का पंचांग

*🌞सूर्योदय :-* 05:55 बजे  

*🟠सूर्यास्त :-* 18:53 बजे 

श्री विक्रमसंवत्- *2082* शाके- *1947* 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य दक्षिणायन, उत्तरगोल 

*⛱️ऋतु* : वर्षा ऋतु  

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज *भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि* 12:44 बजे  तक फिर चतुर्दशी  तिथि।

💫 *नक्षत्र आज* पुष्य नक्षत्र 24:07 बजे तक फिर आश्लेषा नक्षत्र

    *योग* :- आज *व्यतिपात* है।

*करण*  :-आज *वणिज* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक,गंडमूल नहीं  है भद्रा 12:45 बजे से । 

*🔥अग्निवास*: आज पाताल पर है।

☄️ *दिशाशूल* : आज दक्षिण दिशा में है।

*🌚राहूकाल* :आज  14:01बजे से 15:39

 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 11: 58बजे से 12:51 बजे तक प्रत्येक बुधवार अशुभ होता हैं।

*पर्व त्यौहा* : -

*मुहूर्त* : - सगाई, है अन्य नहीं हैं।

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-सिंह, चन्द्र - कर्क, मंगल-कन्या, बुध-कर्क, गुरु-मिथुन, शुक्र-मिथुन, शनि-मीन, राहू- कुंभ,केतु-सिंह, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

अब घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें: ज्योतिष,वास्तु , अंक ज्योतिष एवं जन्म कुंडली द्वारा शिक्षा, सर्विस,रोजगार,व्यापार, विवाह,मंगल,कालसर्प और  पितृ दोष शनि साढ़ेसाती मुहूर्त आदि जानकारी परामर्श समाधान

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 

(राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त )

विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य रात- अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई।

मो .9425187186, 9302614644

बुधवार, 20 अगस्त 2025

सत्ता की बिल्ली के गले में घंटी बांधने में कामयाब कांग्रेस

वोट चोरी के मुद्दे पर देश का बिखरा विपक्ष पहली बार इतनी मजबूत से प्रकट हुआ है कि सत्ता के होश फाख्ता हो गए हैं. पिछले 11 साल में विपक्ष वोट चुराने वाली बिल्ली के गले में घंटी बांधने में कामयाब हुआ है.

सत्ता में बने रहने के लिए अब एनडीए गठबंधन जो भी योजना बनाता है, उसकी भनक विपक्ष को लग जाती है. ऐसे में विपक्ष सामूहिक रूप से प्रतिकार करने की तैयारी कर लेता है. वोट चोरी की आरोपी केंद्रीय चुनाव आयोग और सत्तारूढ भाजपा के खिलाफ संसद से सडक तक विपक्षी एकता को देश और दुनिया देख चुकी है.

राहुल गांधी की अगुवाई में बिहार में चल रही वोट अधिकार यात्रा के खिलाफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर मोदी को खुद मोर्चा सम्हालना पड रहा है.. किसी भी देश में पार्टी का मुखिया तभी मोर्चा सम्हालता है जब उसके सारै मोहरे पिट जाते हैं. राहुल गांधी की आंधी तूफान में तब्दील होती दिखाई दे रही है. 1974-75 में ऐसी ही आंधी तत्कालीन प्रधानमत्री श्रीमती ईंदिरा गांधी की कथित तानाशाही के खिलाफ उठी थी. इस आंधी में श्रीमती गाधी की सत्ता का तंबू उखड गया था.

आपातकाल को गुजरे 50,साल ही हुए हैं लेकिन आज फिर भारत का लोकतंत्र उसी चौराहे पर खडा कर दिया गया  था. तब जनता की अगुवाई जेपी यानि जयप्रकाश नारयण ने की थी और अब  बिहार से शुरू हुए वोट बचाओ अभियान का नेतृत्व युवा राहुल गांधी कर रहे हैं. कुछ मुद्दों पर कांग्रेस से असहमत आम आदमी पार्टी और तृण मूल कांग्रेस भी अब यूपीए के साथ है.

विपक्ष की एकता की वजह से लोकसभा का मानसून सत्र पूरे समय बाधित रहा. पूरा एनडीए गठबंधन विपक्ष को प्रतिबंधित नहीं कर पाया. राहुल के साथ दोनों सदनों के 300 सांसद सडक पर निकल आए. ये विपक्षी एकता उपराष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले की एकता के मुकाबले ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है. विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सर्वानुमति को नकार कर सरकारी प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन के खिलाफ विपक्षी कांग्रेस ने भी अपना एक साझा प्रत्याशी मैदान में उतार दिया.विपक्ष का प्रत्याशी भी दक्षिण से है और पूर्व न्यायाधीश  है. निष्कलंक है.

संख्या गणित यदि साफ न होता तो कुछ भी हो सकता था, लेकिन अब सरकार बैक फुट पर है. विपक्ष अब बगलें झांक रहा है. हाल में ही हुए कांस्टीट्यूशनल क्लब के चुनाव में भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी हार गया था.सवाल ये है कि क्या विपक्ष आत्मा की आवाज और दक्षिणायन होती राजनीति को एक  बार फिर इंद्रधनुषी बना सकता है? दुर्भाग्य से भारत में ज्यादातर राजनीतिज्ञों की आत्माएं सो गई हैं. वे झकझोरने पर भी नहीं जागतीं.

एक बात तय है कि यदि भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव और उपराष्ट्रपति का चुनाव हारती है तो मध्यावधि चुनाव भी हो सकते है, क्योंकि यदि भाजपा ने दो में से एक भी बैसाखी हटती है तो भाजपा लोकसभा भंग करने से नहीं हिचकेगी. भाजपा किसी भी सूरत मे अपनी बैसाखियां कांग्रेस को देना पसंद नहीं करेगीः भाजपा फिलहाल कोई नया जोखिम लेने से बचेगी.

भारत की राजनीति के लिए ये साल निर्णायक हो सकता है. सितंबर में उपराष्ट्रपति का ही नहीं बल्कि आर एस एस के सर संघ चालक और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव है. अक्तूबर या नवंबर में बिहार विधानसभा का चुनाव होगा. इसी समय भारत अमेरिका डील भी होना है. ये भी तय होना है कि भारत चीन रूस के साथ जाएगा या अमेरिका के साथ या फिर नेहरू की गुट निरपेक्षता आंदोलन के साथ.

@ राकेश अचल

20 अगस्त 2025,बुधवार का पंचांग

*🌞सूर्योदय :-* 05:54 बजे  

*🟠सूर्यास्त :-* 18:54 बजे 

श्री विक्रमसंवत्- *2082* शाके- *1947* 

*श्री वीरनिर्वाण संवत्- 2551* 

*सूर्य*:- -सूर्य दक्षिणायन, उत्तरगोल 

*⛱️ऋतु* : वर्षा ऋतु  

*सूर्योदय के समय तिथि,नक्षत्र,योग, करण का समय* - 

आज *भाद्रपद माह कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि* 13:58 बजे  तक फिर त्रयोदशी  तिथि।

💫 *नक्षत्र आज* पुनर्वसु नक्षत्र 24:26 बजे तक फिर पुष्य नक्षत्र

    *योग* :- आज *सिद्धि* है।

*करण*  :-आज *तैतिल* हैं।

 💫 *पंचक* :- पंचक,भद्रा,गंडमूल नहीं  है। 

*🔥अग्निवास*: आज पृथ्वी पर है।

☄️ *दिशाशूल* : आज उत्तर दिशा में है।

*🌚राहूकाल* :आज  12:24बजे से 14:02

 बजे  तक  अशुभ समय है।

*🌼अभिजित मुहूर्त* :- आज 11: 58बजे से 12:51 बजे तक प्रत्येक बुधवार अशुभ होता हैं।

*पर्व त्यौहा* : -

*मुहूर्त* : - सगाई,नामकरण, वाहन है अन्य नहीं हैं।

🪐  *सूर्योदय समय ग्रह राशि विचार* :-

 सूर्य-सिंह, चन्द्र - मिथुन, मंगल-कन्या, बुध-कर्क, गुरु-मिथुन, शुक्र-मिथुन, शनि-मीन, राहू- कुंभ,केतु-सिंह, प्लूटो-मकर ,नेप्च्यून-मीन

हर्षल-मेष में आज है।

अब घर बैठे ही परामर्श प्राप्त करें: ज्योतिष,वास्तु , अंक ज्योतिष एवं जन्म कुंडली द्वारा शिक्षा, सर्विस,रोजगार,व्यापार, विवाह,मंगल,कालसर्प और  पितृ दोष शनि साढ़ेसाती मुहूर्त आदि जानकारी परामर्श समाधान

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन 

(राष्ट्रीय गौरव अवॉर्ड प्राप्त )

विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य रात- अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी सत्य सिद्ध हुई।

मो .9425187186, 9302614644

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